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तुफान मेल न्यूज, कुल्लू। 21 से 23 मार्च 2025 तक हरियाणा राज्य के जिला झज्जर के बहादुरगढ़ में हैपकिड़ो मार्टिकल आर्ट की टेक्निक्स पर शिविर का आयोजन हुआ। इस शिविर का मुख्या उद्देश्य हैपकिड़ो मार्टिकल आर्ट की टेक्निक्स के बारे में बताना यह एक कोरियाई मार्शल आर्ट है जो आत्मरक्षा पर जोर देता है,

शक्तिशाली स्ट्राइक, जॉइंट लॉक्स , थ्रोइंग और ग्रिप्पिंग तकनीकों को सम्मिश्रण करता है और वर्तमान में कितना इम्पोर्टेन्ट है इसके साथ ही ये टेक्निक्स कैसे उपयोग की जाती हैं बताना और खेल के रूप में इसे कैसे सीखा जाता है।

हिमाचल प्रदेश राज्य की मास्टर हंसराज की मार्गदर्शन में सात सदस्यीय टीम ने ये प्रशिक्षण प्राप्त किया और इस नए कोरियाई मार्शल आर्ट की बारीकियां सीखी | इस टीम में सतपाल सिंह चंदेल व् शशि कुमार जिला बिलासपुर से, अंकित कुमार व् पंकज कुमार मंडी से , अजय कुमार कुल्लू से, यशवंत जिला शिमला से भाग लियाये शिविर हैपकिड़ो फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के प्रधान मास्टर प्रेमजीत सेन, सचिव रजनीश चौधरी, मास्टर विनोद वत्स और इंद्रनील दास के तत्वधान में आयोजित किया गया |

इस कोचिंग कैंप में शारीरिक कौशल और मानसिक अनुशासन दोनों पर जोर दिया गया, खेल की बारीकियों व् विभिन टेक्निक्स और उनको निखारने पर जोर दिया गया |
स्ट्राइक्स: घूंसे, किक्स और ओपन-हैंड मूव्स।
जॉइंट लॉक: प्रतिद्वंद्वी को नियंत्रित या निष्क्रिय करने के लिए जोड़ों को घुमाने की तकनीक।

थ्रो: प्रतिद्वंद्वी को असंतुलित कर जमीन पर गिराने की विधि।
ग्रैपलिंग: जमीन पर नियंत्रण और सबमिशन तकनीकें।प्रतिद्वंद्वी की ऊर्जा का उपयोग उनके खिलाफ करना, जिससे शारीरिक बल की आवश्यकता कम हो जाती है।
• अनुकूलनशीलता: तकनीकों को परिस्थिति के अनुसार बदलने की क्षमता।•
आत्म-सुधार: प्रशिक्षण में शारीरिक और मानसिक विकास दोनों शामिल हैं।